क्या आप भी पैंट की जेब में रखते हैं अपना मोबाइल, तो हो जाइए सावधान, नहीं तो आ सकती है प्रजनन क्षमता में कमी
journo sam, September 18, 2024मोबाइल फोन आज के दौर में लोगों के जीवन का बड़ा अहम हिस्सा बन गया है। शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जिसके पास फोन या स्मार्ट फोन न हो। इस आधुनिकता के दौर या ये कहें कि तेजी से बदलते वक्त में फोन लोगों की जरूरत भी है और शौक भी। जब से इंटरनेट की दुनिया ने आधुनिक जगत में एंट्री ली है, तब से फोन की उपयोगिता बहुत अधिक बढ़ गई है। फोन को हर वर्ग और हर उम्र के लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। चाहे वह छात्र, जवान या बुजुर्ग किसी भी उम्र के लोग इसको बड़ी आसानी के साथ इस्तेमाल कर रहे हैं। छात्रों के लिए फोन पढ़ाई के माध्यम से उपयोगी माना जाता है।
बता दें कि हम सब अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मोबाइल फोन को अपने पास रखते हैं। इससे हमारी बहुत सारी जरूरत बहुत जल्द और आसानी से पूरी भी हो जाती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि मोबाइल फोन हमारे स्वस्थ्य के लिए कितना हानिकारक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल फोन शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से बेहद नुकसानदायक पाया गया है। वहीं इससे निकलने वाली नीली रोशनी और रेडिएशन के अध्ययनों में कई और भी दुष्परिणाम बताए गए हैं।
मोबाइल कर रहा प्रजनन क्षमता को प्रभावित
डॉक्टरों की रिसर्च के में पता चला है कि पिछले आधी सदी में पुरूषों के स्पर्म में शुक्राणुओं की कमी जैसे मामले काफी बढ़ रहे हैं। पुरुषों में प्रजनन क्षमता की कमी होने लगी है। जिससे लोगों में निराशा भी देखने मिल रही हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि इसके लिए पर्यावरण और जीवनशैली के कई कारक भी जिम्मेदार हैं। वहीं कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि लो-लेवल रेडियोफ्रीक्वेंसी इलेक्ट्रोमैग्नेटिव फील्ड का उत्सर्जन करने वाले मोबाइल फोन्स के कारण भी पुरुष प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने एक ब्रेन कैंसर को लेकर एक शोध किया है। जिसमें पाया गया है कि मोबाइल से बेशक कई तरह के शारीरिक नुकसान होते होंगे। लेकिन इससे ब्रेन कैंसर नहीं होता है।
क्या मोबाइल से निकलने वाले तरंग स्पर्म को करते हैं प्रभावित
बता दें कि, ऑस्ट्रेलियन रेडियन प्रोटेक्शन और परमाणु सुरक्षा एजेंसी में विशेषज्ञ प्रोफेसर केन कारिपिडिस कहते हैं कि, फोन और शुक्राणुओं की संख्या में गिरावट के बीच अभी तक कोई संबंध नहीं पाया गया है। लेकिन रेडियो तरंगों की सीमा के अधिक संपर्क में रहने वाली कुछ महिलाओं में जन्म के समय बच्चे के अधिक वजन की दिक्कतें जरूर रिपोर्ट की गई हैं।
क्या आप भी पैंट की जेब में रखते हैं फोन
मोबाइल फोन को पैंट में की जेब में रखने की ये चर्चा भी लोगों के बीच अक्सर सुनने को मिलती है कि इससे जननागों को नुकसान होता है। पैंट की जेब में फोन रखने से प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। लेकिन एक अन्य अध्ययन में पता चला है कि पैंट की जेब में फोन रखने और वीर्य की गुणवत्ता में कमी के बीच भी कोई संबंध नहीं है। वहीं विशेषज्ञ का मानना है कि मोबाइल से प्रजनन पर असर के बीच के संबंधों को स्पष्ट करने के लिए और अधिक और विस्तृत शोध की आवश्यकता है।