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एक ही परिवार से उठे दस जनाजे, हर दिल की यही दुआ परवरदिगार मरहूमों पर रहम करे

UTTAR PRADESH: उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसी घटना समाने आई है। जिसको सुनकर लोगों के दिल की धड़कन थम सी गई हैं। बता दें कि मेरठ की जाकिर कॉलोनी में रविवार की शाम एक तीन मंजिला घर गिर गया। जिसमें दस लोगों के जनाजे एक साथ उठे हैं। इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। जो भी इस घटना की खबर सुन रहा है उसके गले बात नहीं उतर रही है। महिलाएं बिलख रही हैं वहीं परिवार के बच्चों में दहशत पैदा हो गई है। मलवे से दबे शवों का चेहरा देखकर लोग गश खा रहे। हर दिल से यही सदा आ रही है परवरदिगार रहम करे। मरहूमों के घर वालों को ये पहाड़ जैसे गम सहने का सब्र अता करे।

बता दें कि शनिवार शाम साढ़े चार बजे मेरठ की जाकिर कॉलोनी में एक तीन मंजिल का घर गिरने से दस लोगों की दब कर मौत हो गई। इस भयावह दृश्य की खबर मिलते ही आस पास और जान पहचान के लोग तो पहुंच ही रहे हैं वहीं परिवारीजनों को सात्वना देने के लिए राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां भी घटना स्थल पर पहुंच रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक घटना स्थल पर लोगों की भारी भीड़ हो गई है। वहीं पुलिस प्रशासन भी मौके पर तैनात है। पुलिस ने कॉलोनी के भीतर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। शोक जताने वाले सभी लोग हापुड़ रोड़ पर ही अपने वाहन खड़े करके शोकाकुल परिवार से मिलने के लिए जा रहे हैं।

हर आंख में गम के आंसू

बता दें कि आज सुबह करीब 11 बजे से शवों का मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम किया गया। जिसके बाद लाशों को जाकिर कॉलोनी में लाया गया। शव आने के बाद परिजन उनसे लिपटकर रोते रहे। इसके बाद लोग जब दस जनाजे करीब शाम 6 बजे कब्रिस्तान की ओर ले जाने लगे तब महिलाओं की चीख पुकार से कॉलोनी गूंज उठी। महिलाओं को बिलखती देख घटना स्थल पर मौजूद लोगों की आंखे नम हो गई। जब शवों को कब्रिस्तान पहुंचाया गया तो उस दौरान लोगों की भीड़ इतनी की कब्रिस्तान में पैर रखने की जगह नहीं बची।

शवों को मिट्टी देने आए लोग सड़क पर बाहर ही खड़े रहे। वहीं दस लोगों की एकसाथ मौत होने का दुख जताते हुए लोगों ने कहा कि ऊपर वाला ऐसा दिन किसी को न दिखाए। इसके साथ ही जनाजे में भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी बदलाव करना पड़ा है।

जनाजा निकलते ही कंधा देने के लिए सड़क पर जन सैलाब उमड़ पड़ा। जब जनाजा मदीना मस्जिद और अब्दुल्ला रेजीडेंस के सामने पहुंचा तो चारों तरफ गमगीन माहौल देखने को मिला। जिस रास्ते से शवों ले जाया गया वहां सड़क और डिवाइडर दोनों लोगों से भर गए। 

हादसे के शिरकार लोगों को मिलेगा मुआवाजा

बता दें कि, यह बड़ा हादसा मेरठ की जाकिर कॉलोनी में दिन शनिवार को हुआ। जिसमें मकान गिरने से दस लोगों की मौत हुई है। इस बड़े हादसे की खबर जब प्रशासन को दी गई उसके बाद रेस्क्यू टीम घटना स्थल पर पहुंची। मलवे में दबे दस शवों में से 6 को शनिवार रात को ही निकाल लिए गया। जबकि रातभर चले रेस्क्यू के बाद चार शवों को सुबह निकाला गया। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और मकान क्षतिग्रस्त होने के कारण 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मृत पशुओं के लिए भी शासन से मुआवजा दिलाया जाएगा। 

कैसे हुआ हादसा ?

बता दें कि, लगातार हो रही तेज बारिश के चलते शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे जाकिर कॉलोनी में नफ्फो उर्फ नफीसा (65) पत्नी अलाउद्दीन का तीन मंजिला मकान गिर गया। जिसमें नफ्फो और उसका पुत्र साजिद (36), साजिद की पुत्री सानिया (15) और पुत्री रिजा (10) व पुत्र साकिब (12) दब गए। वहीं साजिद के भाई नईम की पत्नी अलीशा (25), अलीशा की छह माह की पुत्री रिमशा उर्फ हिमसा, दूसरे भाई नदीम की पत्नी फरहाना (27), तीसरे भाई आबिद की पुत्री आलिया (8), पड़ोसी रिश्तेदार सरफराज की पुत्री समरीन (4) समेत 15 लोग दब गए थे। 

16 घंटे चला रेस्क्यू

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों ने 16 घंटे तक रेस्क्यू कर इन्हें अस्पताल भिजवाया, जहां नफ्फो,रिजा, साजिद, सानिया, अलीशा, साकिब, रिमशा, फरहाना, समरीन और आलिया को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि सायमा उर्फ सायना और सूफियान की हालत गंभीर बनी हुई है।

नफ्फो के तीन पुत्रों शाकिब, नदीम और नईम को शनिवार को ही सुरक्षित निकाल लिया गया। लेकिन अलीशा, रिमशा, आलिया और फरहाना की मलवे में दब कर जान चली गई

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