ग्रामीणों में तेंदुए के हमले से दहशत , घांस में छुपा बैठा था तेंदुआ एकाएक बोला हमला
journo sam, September 30, 2024MADHYA PRADESH: शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क से सटे हुए गांगुली गांव में खेत पर फसल देखने पहुंचे एक ग्रामीण पर आज सोमवार की सुबह तेंदुए ने हमला बोल दिया। ग्रामीण ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई। घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया हैं। तेंदुए के हमले से उसके मुंह, हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। वहीँ परिजनों ने बाघ के हमला करने की आशंका जाहिर की हैं।
जानकारी के मुताबिक सुरवाया थाना क्षेत्र का गांगुली गांव माधव नेशनल पार्क की सीमा से लगा हुआ हैं। आज सोमवार की सुबह 8 बजे गांगुली गांव का रहने वाला 35 वर्षीय हरकंड गुर्जर रोज की तरह अपने खेत पर फसल देखने पंहुचा हुआ था। इसी दौरान घांस में छुपे बैठे तेंदुए ने उसपर हमला बोल दिया था। हरकंड ने भागकर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई थी। इसके कुछ ही देर बाद हरकंड का भाई नंद किशोर गुर्जर खेत पर पहुंच गया था। तब हरकंड गुर्जर को लाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बाघिन के हमले की शंका
तेंदुए के हमले से घायल हुए हरकंड गुर्जर के भाई नंद किशोर गुर्जर का कहना है कि उन्हें शंका है कि यह हमला ज्यादातर बाघिन द्वारा भी किया जा सकता है। क्यों कि इससे पहले कभी भी तेंदुआ गांव में नहीं घुसा हैं और ना ही किसी पर हमला किया हैं। लेकिन अब जंगल में बाघ और बाघिन अपने बच्चों के साथ घूम रहे हैं।
अपने शावकों के साथ घूमने लगी हैं बाघिन
27 साल बाद माधव राष्ट्रीय उद्यान में 10 मार्च 2023 को यहां दो मादा और एक नर बाघ को छोड़ा था। तबसे लेकर बाघ नेशनल पार्क में घूम रहे थे। 17 सितंबर को देश के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया पर सूचना जारी कर ख़ुशी जाहिर की थी। उन्होंने एक शावक के साथ लिखा था कि माधव नेशनल पार्क में बाघिन ने दो शावकों को जन्म दिया है। शावक की उम्र का अनुमान तीन माह के लगभग का लगाया गया था। माना जा रहा है कि अब बाघिन माधव नेशनल के जंगल में अपने बच्चों के साथ घूमने लगी है। वह बच्चों के खाने के लिए शिकार भी कर रही हैं।
शहर में तेंदुए की दहशत
इधर शिवपुरी शहर में तेंदुए की पहले से ही दहशत फैली हुई हैं। शहर के करबला, मदकपुरा, हवाई पट्टी, नोनकोल्हू की पुलिया और शीतला नगर में तेंदुआ कई बार दिखाई दे चुका हैं। माधव नेशनल पार्क प्रबंधन की ओर से सुरक्षा की दृष्टि से इन क्षेत्रों में एडबाइजारी के पर्चे चिकपवा दिए हैं। बता दें कि तेंदुआ अब तक कई पालतू मवेशी जैसे गाय, बकरी को अपना शिकार बना चुका है। बताया गया है इन क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या एकाएक कम हो गई है।
मौके की जांच के बाद मालूम चलेगा - CCF
इस मामले में माधव नेशनल पार्क के सीसीएफ उत्तम शर्मा का कहना है कि घटना की जानकारी उन्हें अभी उनके विभाग ने नहीं दी गई है। जंगल तेंदुए सहित टाइगर भी घूम रहे हैं। ग्रामीण पर हमला किस जंगली जानवर के द्वारा किया गया जांच के बाद ही मालूम चल सकेगा।