उत्तराखंड महिला नर्स रेप मामले में पुलिस पर खानापूर्ति के लगे आरोप, SIT को सौंपी जांच
सचिन मुखी, September 03, 2024UTTRAKHAND; उत्तराखंड के रुद्रपुर से कोलकात जैसा हत्याकांड का मामला सामने आया है। जिसमें महिला नर्स के साथ रेप कर हत्या कर दी गई। नर्स के साथ दरिंदगी होने खबर पूरे प्रदेश में फैल गई जिसके बाद जहग जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। जहां लोग में गुस्सा दिखाई दे रहा है। प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे लोगों पुलिस पर खानापूर्ति करने का आरोप लगा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मामले की जांच को सीबीआई को सौंपने की मांग की है। जिसके बाद उत्तराखंड की पुलिस बैकफुट पर नजर आ रही है। वहीं प्रदर्शनकारियों की मांग पर इस केस की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। जांच के दौरान एसआईटी को इस मामले में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
SIT ने क्या किया खुलासा?
मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम के मुताबिक, 31 जुलाई को थाना रुद्रपुर में एफआईआर दर्ज की गई थी। करीब 30 साल की महिला 30 जुलाई को जिम से अपने घर के लिए जा रही थी। उसने घर जाने के लिए इंद्रा चौक से टैम्पो लिया। लेकिन वह घर नहीं पहुंची। पुलिस ने दी गई जानकारी पर गुमशुदा महिला की रिपोर्ट लिखी थी। इसकी जांच का जिम्मा इंस्पेक्टर चंदन सिंह बिष्ट को सौंपा गया था।
अंधेरे का उठाय फायदा
गुमशुदा महिला नर्स का शव 8 अगस्त को डिबडिबा में वसुंधरा रोड से बरामद हुआ। जो कि कंकाल में बदल चुका था। इसके बाद सर्विलांस के आधार पर आरोपी धर्मेंद्र को पुलिस हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान धर्मेंद्र कुमार ने बताया था कि 30 जुलाई को उसने डिबडिबा में वसुन्धरा कालोनी को जाने वाले रास्ते से महिला नर्स को अंधेरे का फायदा उठाकर पकड़ लिया था। और सड़क किनारे झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ रेप किया। इसके बाद महिला नर्स की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी धर्मेंद्र महिला का फोन और उसके पर्स से तीन हजार रुपए निकाल कर मौके से फरार हो गया।
दूसरे आरोपी से बरामद हुआ नर्स का फोन
जांच के आधार पर थाना रुद्रपुर में मुकदमा अपराध संख्या 406/2024 धर्मेन्द्र कुमार सिंह के खिलाफ दर्ज किया गया। जिसकी तफ्तीश थाना प्रभारी निरीक्षक रुद्रपुर कर रहे हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही 37 साल के दूसरे अभियुक्त बिहारी लाल पुत्र लाला राम निवासी तुरसा पट्टी थाना शाही जनपद बरेली को गिरफ्तार किया गया । उसके पास से मृतक महिला नर्स का फोन बरामद हुआ, जो आरोपी धर्मेंद्र ने हत्या के बाद लूटा था।
बता दें कि चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी महिला का मोबाइल नंबर चला रहा था। बिहारी लाल को चोरी के फोन की जानकारी होते हुए भी मोबाइल ले लिया। पुलिस ने दूसरे आरोपी बिहारी को बीएनएस की धारा 317 (2) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी में दिखने वाले दो लोगों की पहचान के बारे में कुछ नहीं बताया।
CCTV से क्या हुआ खुलासा?
बता दें कि जांच के दौरान एसआईटी को मृत महिला का एक सीसीटीवी विडियो मिला है। जिसमें महिला इस घटना के दिन यानि 30 जुलाई को ऑटो से उतरती हुई दिख रही है। इसी बीच उसके पास दो लोग आते हैं। वह दोनों नर्स से कुछ कहते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद अचानक नर्स नीचे बैठ जाती है और पैर पकड़ लेती है। सीसीटीवी में कैद इस घटना में ऐसा लग रहा है जैसे वह उनसे माफी या मिन्नत कर रही हो। इस वीडियों के बाद मामला और उलझता हुआ नजर आ रहा है। क्योंकि उत्तराखंड पुलिस ने धर्मेंद्र नाम के आरोपी को पहले से ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं पुलिस का कहना भी यही है कि महिला से दुष्कर्म कर हत्या करने वाला आरोपी धर्मेंद्र है। लेकिन वीडियों के मुताबिक दो लोग नर्स से बात करते नजर आ रहे हैं। बता दें कि इस मामले में पहले से ही पुलिस की कार्रवाई पर सावल उठ रहे हैं।
कब लापता हुई थी नर्स
रुद्रपुर की रहने वाली महिला नर्स उत्तराखंड रुद्रपुर के एक निजी अस्पातल में काम करती थी। जिसकी उम्र तीस साल थी। नर्स की करीब 12 वर्ष पहले शादी भी हो चुकी थी। लेकिन बाद में किसी कारणवश उसका तलाक हो गया। महिला नर्स रोज अस्पतासल में काम करने के लिए जाती थी। 30 जुलाई को भी वह सेम टाइम पर घर से निकली थी। लेकिन वह शाम को घर नहीं पहुंची। इसके बाद घर वालों ने फोन भी किया लेकिन उसका फोन नहीं लगा। इसके साथ ही उसके अस्पताल में फोन किया और जान पहचान के लोगों को भी कॉल किया गया। लेकिन कई से भी उसका पता नहीं चला। रातभर परिजन तलाश करते रहे। लेकिन कहीं भी उसका पता नहीं लगा।
इसके बाद 31 जुलाई को नर्स की बहन ने रुद्रपुर कोतवाली में अपनी बहन की गुमशुदगी दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस भी जांच में जुट गई। पुलिस ने अस्पताल और जान पहचान के तमाम लोगों से उसके बारे में पूछताछ की। लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। इसके बाद परिवारीजनों की चिंता और बढ़ गई।
आईडी कार्ड से हुई शिनाख्त
बता दें कि महिला नर्स की मिला लाश की पहचान करना बहुत मुश्किल हो गया था। इसकी वजह थी कि लाश कंकाल बन चुकी थी। छान-बीन के दौरान पुलिस को आईडी का प्राप्त हुआ। जो मृत महिला नर्स के फुटेला अस्पताल का कार्ड था। जिसके बाद महिला को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि यह लाश महिला नर्स की ही है जिसकी रेप कर गला दबाकर हत्या कर दी गई थी।
राज्यभर में हो रहे धरन प्रदर्शन
बता दें कि 30 जुलाई से 8 अगस्त के बीच नर्स के लापता होने की खबर पूरे प्रदेश में फैल गई। इसके बाद रुद्रपुर समेंत कई जिलों के लोग प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतर आए। जब यह खबर निकल कर सामने आई कि महिला नर्स के साथ रेप कर गला दबाकर हत्या कर दी गई है। तो इसके बाद प्रदर्शकारियों में गुस्सा और बढ़ गया और पूरे राज्य में प्रदर्शन होने लगे। लोगों का गुस्सा देखते हुए पुलिन ने इस मामले का खुलासा करने दावा किया।
SIT को सौंपी मामले की जांच
बता दें कि उत्तराखंड के रुद्रपुर में कोलकात जैसा नर्स हत्या कांड का मामला सामने आया है। जिसमें पुलिस जांच के मामले में बैकफुट पर नजर आई है। इसको देखते हुए काफी जद्दोजहद और राजनीति दखल के बाद एसएसपी उधम सिंह नगर ने एक एसआईटी टीम का गठन किया है। SSP ने अपने पहले खुलासे से यू टर्न लेते हुए एसआईटी की निगरानी पुलिस अधीक्षक चंद्रशेकर घोड़के को सौंप दी है। वहीं SIT का प्रभारी रुद्रपुर के पुलिस अधीक्षक मनोज कत्याल को बनाया है। इस टीम में प्रभारी के तौर पर कई अन्य अधिकारी भी शामिल हैं।