हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टियों ने कसी कमर, क्या चुनाव आयोग चुनाव की तारीख में करेगा फेर-बदल?
सचिन मुखी, August 29, 2024HARYAN ELECTION;हरियाणा में विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टियां अपनी अपनी रणनीति बनाने में लग गई हैं। प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों के लिए 1 अक्टूबर को मतदान होना है। वहीं सत्ताधारी भाजपा में उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए बैठकों का दौर जारी है। उधर कांग्रेस भी अपने उम्मीदवारों के चयन की कवायद में जुटी हुई है।
इनके अलावा राज्य में कई अन्य दल भी विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी में लगे हुए हैं। वहीं जननायक जनता पार्टी (JJP) ने सांसद चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के साथ गठजोड़ का एलान किया है। इससे पहले इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन की घोषणा की थी। ऐसे में विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अलावा इन दलों पर भी जनता की नजरें होंगी।
हरियाणा में चुनाव कार्यक्रम क्या है?
बता दें कि, चुनाव आयोग ने 16 अगस्त को जम्मू कश्मीर के साथ हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान किया था। हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में मतदान होना तय किया गया है। मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव के लिए अधिसूचना 5 सितंबर को जारी होगी। नामांकन की आखिरी तारीख 12 सितंबर तो मतदान 1अक्टूबर को होगा। नतीजे 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद कई राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से मतदान की तारीख बदलने की भी मांग की है।
भाजपा-कांग्रेस के अलावा और कौन से हैं अहम दल?
हरियाणा में मौजूदा वक्त में दो सबसे बड़े दल भाजपा और कांग्रेस हैं। जो सभी 90 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे। वहीं बीते शुक्रवार को हरियाणा कांग्रेस के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य में आम आदमी पार्टी (आप) के साथ गठबंधन के सभी दावों को खारिज कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ने में सक्षम है। इसके साथ ही आप के साथ गठबंधन के बारे में हुड्डा ने कहा, ‘हमारा समाजवादी पार्टी के साथ भी गठबंधन है, लेकिन यह केंद्रीय स्तर का गठबंधन है, राज्य आधारित नहीं है। हरियाणा में हमारा कोई गठबंधन नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर हमारा सभी दलों के साथ गठबंधन है, लेकिन राज्य स्तर पर ऐसी कोई चर्चा नहीं है।’
JJPऔर ASP का गठजोड़
जानकारी के मुताबिक, जननायक जनता पार्टी और आजाद समाज पार्टी मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन का एलान किया है। 70 सीटों पर जजपा और 20 सीटों पर आसपा अपने उम्मीदवार उतारेगी।
पिछले चुनाव में जजपा का प्रदर्शन को देखें तो जजपा ने 10 सीटें हासिल की थी और इतनी ही सीटों पर दूसरे नंबर पर थी। बता दें कि जजपा को 14.9% वोट मिले थे जो 2018 में बनी पार्टी का पहला ही विधानसभा चुनाव था।
वहीं दूसरी ओर 2020 में बनी आजाद समाज पार्टी के लिए हरियाणा में पहला विधानसभा चुनाव होगा। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पहली बार जीत के बाद चंद्रशेखर आजाद पार्टी के पहले सांसद बने हैं। चंद्रशेखर उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से जीतकर संसद पहुंचे हैं।
INLD और BSP के बीच गठबंधन
बता दें कि, पिछले महीने ही इनेलो और बसपा के बीच विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर गठबंधन हुआ था। इसके मुताबिक 53 सीटों पर इनेलो और 37 सीटों पर बसपा अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसी के साथ बसपा ने मंगलवार को अपने चार उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। उधर, इनेलो भी अपने उम्मीदवार घोषित करने की तैयारी में लगी हुई है।
2019 के पिछले विधानसभा चुनाव में 87 सीटों पर उतरी बसपा खाता भी नहीं खोल पाई थी। पार्टी ने इस चुनाव में 4.2% वोट हासिल किए थे। इससे पहले 2014 में पार्टी का एक सदस्य विधानसभा पहुंचा था। वहीं पार्टी 4.4% वोट हासिल किए थे। 2009 के चुनाव में बसपा को एक सीट मिली थी, जबकि इसका मत प्रतिशत 6.7% रहा था।
उधर पिछले विधानसभा चुनाव में इनेलो मात्र एक सीट जीतने में सफल रही और दूसरे स्थान पर रही। इंडियन नेशनल लोकदल के अभय चौटाला पार्टी से एकलौते विधायक हैं। पार्टी ने पिछले चुनाव में महज 2.5% वोट हासिल किए थे। वहीं 2014 के चुनाव की बात करें तो पार्टी के 19 सदस्य विधानसभा पहुंचे थे। और इनेलो ने 24.2% वोट हासिल किए थे। 2009 के चुनाव में इनेलो को 31 सीटें मिली थीं। जबकि इसका मत प्रतिशत 25.8% था।
AAP का प्रदर्शन
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी भी हरियाणा में चुनाव लड़ रही है। प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता का कहना है कि आम आदमी पार्टी सभी 90 सीटों पर मजबूत उम्मीदवार के साथ चुनावी रण में उतरेगी। और चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने पिछले चुनाव में महज 0.5% वोट हासिल किए थे। जो पार्टी का राज्य में पहला विधानसभा चुनाव था। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी कुरुक्षेत्र से चुनाव लड़ी थी। लेकिन उसे हार मिली।