CM ने थामी भेड़ियों के उत्पात की कमान, आदमखोर को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम के साथ पीएसी भी तैनात
सचिन मुखी, August 29, 2024
UTTAR PRADESH; उत्तर प्रदेश का बहराइच जिला भेड़ियों के भय की वजह से इन दिनों सुर्खियों में हैं। यहां पिछले कुछ समय से आदमखोर भेड़ियों ने आतंक मचा रखा है। पिछले करीब डेढ़ महीने में भेड़ियों ने नौ लोगों की जान ले ली है और दर्जनों लोग को घायल कर दिया है। वहीं भेड़ियों को पकड़ने के लिए वन विभाग की कई टीमें लगी हुई हैं। इतना ही नहीं वन विभाग सुरक्षा के लिए ड्रोन मैपिंग कर रहा है। साथ ही थर्मल ड्रोन से भी भेड़ियों को पकड़ने के लिए तलास जारी है। अब तक चार भेड़ियों को पकड़ा भी जा चुका है।
बहराइच में भेड़ियों का आतंक
बता दें कि बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र में भेड़ियों ने लोगो के बीच दहशत पैदा कर दी है। बीते डेढ़ महीनों में भेड़ियों के झुंड ने महिलाओं और बच्चों समेत नौ लोगों की जान ले ली है। पिछले चार दिनों में दो लोग, एक महिला और एक बच्चा, भेड़ियों ने अपना शिकार बना लिया है। इसके अलावा भेड़ियों ने 35 लोगों को घायल कर दिया है जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। करीब 50 गांवों में भेड़ियों के हमले से लोगों में डर का माहौल है। महिलाएं अपने बच्चों के साथ घर के अंदर रहती हैं। वहीं पुरुष रात में अपने इलाकों में पहरा देने को मजबूर हैं। कुछ परिवारों ने तो अपने बच्चों को दूसरे शहरों में अपने रिश्तेदारों के यहां तक भेज दिया है।
कब से शुरू हुआ भेड़ियों का आतंक
जानकारी के मुताबिक, खूंखार जानवरों का पहला हमला इसी साल मार्च की शुरुआत में हुआ था और यह तब से बरकरार जारी है। शुरुआत में इन भेड़ियों ने जिले के हरदी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत औराही में उत्पात अपना उत्पात दिखाया था। हालांकि, जुलाई के बाद हमलों की संख्या बढ़ गई है। ये भेड़िये आतंक फैलाने के लिए एक खास पैटर्न अपनाते हैं। ये ज्यादातर घरों में सो रहे बच्चों को निशाना बनाते हैं। जिला वन अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज में छह भेड़ियों का एक झुंड देखा है।
क्या है हमले बढ़ने के पीछे की वजह?
जानकारी के मुताबिक, वन विभाग ने 3 अगस्त को एक मादा भेड़िया को पकड़ा था। जिसकी वन प्रभाग लाते समय रास्ते में मौत हो गई। इसके बाद भेड़ियों के हमले तेजी से बढ़ गए। वहीं वन विभाग की टीम ने सख्ती दिखाते हुए 8 अगस्त को एक नर और 18 को एक मादा भेड़िया को पकड़ लिया। लेकिन हमलों में कोई कमी नहीं आई। हमले बढ़ते ही गए। वहीं ग्रामीण का कहना है कि भेड़ियों के झुंड के मुखिया की मौत हो गई है। जिसके बाद से ये बदला स्वरूप हमला कर रहे हैं।
वहीं वन्य जीव प्रभाग के सेवानिवृत्त (DFO) ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि भेड़िया काफी चालाक और बदले की भावना वाला जानवर है। नदी के कछार में गुफा बनाकर स्थानीय जंतुओं का शिकार करता है। उन्होंने कहा कि, मनुष्यों पर बहुत की कम हमले करता है। लेकिन इसमें बदले की प्रबल भावना होती है। इनके बच्चे को मारने पर कुनबे का मादा या नर मुखिया उग्र होकर हमले करता है। हरदी में भी हो सकता है किसी ने जाने आजने में इनके बच्चे को छति पहुंचाई हो। जिसके बाद से सभी बदले की भावना से हमले कर रहे हों।
ड्रोन कैमरे से की जा रही निगरानी
बता दें कि पछले डेढ़ महीने से 32 राजस्व टीम, 200 से अधिक पुलिसकर्मी, मंडलीय समेत 16 वन विभाग का की टीमें भेड़ियों को काबू में करने के लिए तैनात हैं। इन्हें पकड़ने के लिए ऑपरेशन भेड़िया चलाया जा रहा है। जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। वन संरक्षक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि ऑपरेशन भेड़िया के तहत वन विभाग की 16 टीमें क्षेत्र में तैनात की गई हैं। इस अभियान के तहत ड्रोन कैमरों, इन्फ्रारेड कैमरों और थर्मल इमेजिंग कैमरों की मदद से भेड़ियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। भेड़ियों को बस्तियों में घुसने से रोकने के लिए जाल के साथ पिंजरा भी लगाया गया है। गुरुवार की सुबह एक नरभक्षी भेड़िया पकड़ा गया।
भेड़ियों के हमले के बाद विपक्ष ने सरकार पर किया हमला?
भेड़ियों के हमले को लेकर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सरकार को सराकर को घेरते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश की तराई में चाहे बहराइच हो, पीलीभीत, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी या अन्य कोई जगह, सब जगह से जंगली जानवरों के आदमखोर होने की खबरें आ रही हैं। प्रदेशवासियों के हताहत होने के दुखद समाचार मिल रहे हैं। ऐसे हादसे भाजपा सरकार की नाकामी दिखाते हैं। एक तरफ भाजपा राज में जंगलों की अवैध कटाई से पशुओं के निवास स्थान कम हो रहे हैं। जिससे उनके जीवन-चक्र में भोजन की कमी हो रही है। भाजपा के विधायक दिखावटी सहानुभूति का प्रदर्शन करने के लिए हाथ मे बंदूक लेकर आदमखोर पशु के पग चिह्नों को तलाश रहे हैं। ऐसा करके वे सोशल मीडिया पर अपने झूठे जन-सरोकार को दर्शा रहे हैं। उन्हें अपनी ही सरकार के मंत्रालयों और विभागों पर भरोसा नहीं है। भाजपा विधायक से आग्रह है कि किसी की मृत्यु पर ऐसे असंवेदनशील तरीके से पेश न आएं। ठोस उपाय करें, जिससे जनता का अनमोल जीवन बचाया जा सके।
इससे कितना नुकसान हुआ है?
महसी इलाके के गांवों में दहशत का आलम यह है कि किसान छुट्टा मवेशियों से फसल रखवाली के लिए खेत नहीं जा रहे। इससे उनकी फसल मवेशी चट कर रहे हैं। वहीं नौनिहालों की पढ़ाई भी बाधित है। भेड़ियों के डर से अधिकतर अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं।