उत्तराखंड में मलिन बस्तियों को मिले मालिकाना हक, कांग्रेस नेताओं ने सौंपा ज्ञापन
journo sam, September 27, 2024UTTARAKHAND : उत्तराखंड में एक बार फिर मलिन बस्तियों को मालिकाना हक दिये जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से मुलाकात कर राज्य की समस्त बस्तियों को मालिकाना हक़ दिए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। इस मामले पर शीघ्र ही कार्यवाही की भी मांग की है। आपको बता दें कि सरकार द्वारा 2021 में 03 वर्ष के लिए अध्यादेश लाया गया था जिसकी अवधि अगले माह समाप्त हो रही है।
मलिन बस्ती वासियों को मालिकाना हक मिले
बता दें कि पूर्व में कांग्रेस सरकार द्वारा मलिन बस्तियों के मालिकाना हक के लिए नियमावली बनाई गयी थी। जिसको कैबिनेट और विधानसभा ने पास कर मलिन बस्तियों के रख-रखाव के लिए चार सौ करोड़ का प्रावधान किया गया था। सरकार द्वारा गठित समिति के सर्वेक्षण के अनुसार उत्तराखण्ड में 582 मलिन बस्तियां है। जिनमें प्रदेश भर में लगभग 15 लाख से अधिक की आबादी बसी हुई है। देहरादून नगर क्षेत्र में पांच लाख से अधिक की आबादी है तथा जहां दो लाख से अधिक कच्चे, पक्के भवन निर्मित हैं। यह बस्तियां बहुत लम्बे समय 1977 से 1980 के बीच बसी हुई हैं। यदि इन्हें पूर्व में पट्टे दे दिए गये होते तो आज यह फ्री होल्ड होने की स्थिति में हो जाती। मलिन बस्तियों के हित के लिए मलिन बस्तियों का सर्वे शुरू कर दिया गया था। जिसके बाद अक्टूबर 2016 को लगभग 70 से 100 लोगों को मालिकाना हक देने का कार्य शुरू कर दिया था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन महरा ने कहा कि किसी को उजाड़ा नहीं जाना चाहिए। सरकार की जिम्मेदारी है कि सभी लोगों के लिए रोटी, कपड़ा और मकान की व्यवस्था करना। मलिन बस्ती वासियों को मालिकाना हक दिया जाना चाहिए।
मलिन बस्तियो को नहीं होगी कोई दिक्कत
साल 2018 में भाजपा सरकार ने मलिन बस्तियों के हक में 03 वर्ष के लिए अध्यादेश लाया गया था। उसके बाद 2021 में 03 वर्ष के लिए अध्यादेश लाया गया था। जिसकी अवधि अगले माह समाप्त हो रही है। कांग्रेस मांग कर रही है कि नियमावली के अनुरूप वर्ष 2000 के सर्किल रेट के अनुसार मलिन बस्तियों में मकानों पर स्टाम्प शुल्क लेकर उन्हें मालिकाना हक दिया जाए। इससे राज्य सरकार को राजस्व की प्राप्ती भी होगी। वहीं इस पूरे मामले पर भाजपा विधायक और देहरादून के पूर्व मेयर विनोद चमोली ने कहा कि सरकार ऐसा रास्ता निकालेगी जिससे मलिन बस्ती वासियों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत परेशानी न हो।