मध्यप्रदेश में सरकार किसानों से कर रही है धोखा, खाद खुलेआम हो रही काला बाजारी
journo sam, October 17, 2024MADHYA PRADESH : कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार किसान विरोधी है। कमलनाथ की सरकार के दौरान की ऋण माफी योजना और भूमि अधिकार अधिनियम को खत्म कर दिया है। जीतू पटवारी ने कहा कि खाद आखिर जाती कहां है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह खाद बीजेपी के उन नेताओं के पास जाती है जो नकली खाद बनाते हैं। मैं हर मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री से मिलने का समय मांगता हूं ताकि किसानों की बात को उनके सामने रख सकूं। लेकिन मिलने का समय नहीं देते। जब तक भी मिलने का समय नहीं देंगे हम समय मांगते रहेंगे।
खाद की खुलेआम हो रही कालाबाजारी
वहीं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि 1993 से लेकर 2003 तक कांग्रेस की सरकार के समय किया गया था कि किसानों को जितनी भी खाद चाहिए उसको प्राथमिक सहकारी समिति में उपलब्ध करा देंगे और बनी के पहले उसकी मांग बुला ली जाती थी। कांग्रेस सरकार में कभी एक बोरी की भी कालाबाजारी हुई हो तो आप जो दंड देंगे वो मंजूर है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने के बाद आधा कोटा प्राइवेट कंपनियों को सौंप दिया लाखों टैंक खाद आज सहकारिता के माध्यम से एडवांस फट जाता था। वह आज खाद खुलेआम उसकी कालाबाजारी हो रही है।
प्रदेश को खाद की जितनी जरूरत उससे कम डिमांड
17 नवंबर 2022 को केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया था कि खाद के नाम पर किसानों को बस सामान भी बेचने के लिए दवाब डाला जा रहा है। जो फर्टिलाइजर नहीं है। शिवराज ने मध्य प्रदेश के कृषि विभाग को लूटा और अब पूरे देश को लूट रहे हैं। मध्य प्रदेश में जितनी डिमांड खाद की है उससे कम डिमांड की गई।
नकली खाद बनाने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं
मध्य प्रदेश में सर्व दलीय समिति का गठन कर गोदाम से खाद बुलाकर मध्य प्रदेश की लैब में उसका टेस्ट कराया। एनपीके में खाद की पोशाकता कम है। राजगढ़ में एक दुकान पर चेक कर खाद की टेस्टिंग कराई गई और उसमें गड़बड़ी मिलने पर दुकान मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की गई। लेकिन संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
सरकार किसानों प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदने को कर रही मजबूर
प्रदेश के कृषि मंत्री मुरैना जिले के हैं और मुरैना जिले में ही 30 फ़ीसदी खाद की आपूर्ति हो रही है। कृषि विभागों में खुलेआम भ्रष्टाचार चल रहा है। जिस तरह थाने बंटे हुए हैं उसी तरह मंडियां बटी हुई है। सरकार किसानों को जीरो फीस दी पर लोन तो दे रही है। लेकिन सरकार एक तरह से किसानों को मजबूर भी कर रही है कि वह खाद के लिए प्राइवेट दुकानों पर खाद के लिए पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने शिवराज सिंह के 18 साल में प्रदेश में कृषि विभाग सबसे ज्यादा चौपट हुआ है। झूठ आंकड़े देकर हजारों करोड रुपए का घपला किया है। सब्सिडी डायरेक्ट पार्टी हुई बता दी और फर्जी किसानों के नाम बता दिए गए। इसका जल्दी ही कांग्रेस खुलासा करेगी।